तो उसे क्या कहे ...

जब कोई साथ रहे और फिर भी तुम्हारी याद आये ,
तो उसे क्या कहे ...

जब शाम ढल जाए और हलकीसी मुसकान आपके ओठो को छु जाए ,
तो उसे क्या कहे ...

जब रात में चाहते हुए भी नींद ना आये और आपकी याद सताए ,
तो उसे क्या कहे ...

जब सुबह की पहली किरण आपको पास बुलाये और आप उसमे खो जाये ,
तो उसे क्या कहे ...

जब बातो से मन ना भरे और एक लब्ज़ सब कह जाए ,
तो उसे क्या कहे ...

जब तन्हाई भी आपका साथ छोड़ने लगे और आप खुद भी अपना साथ छोड़ जाये ,
तो उसे क्या कहे ...

जब दिल की हर धड़कन आपकी हो जाये और साँसों में बस आपका नाम रह जाये ,
तो उसे क्या कहे ...

जब वीरानियों में भी सब हरा बहरा लगे और साथ आपका रहे,
तो उसे क्या कहे ...

जब सब भूल जाए और बस आपका नाम याद रह जाये ,
तो उसे क्या कहे ...

जब प्यार हो जाये और कविताये आपके लिए बननी लगे,
तो उसे क्या कहे ...

कोई तो हमे बताये की इसे क्या कहे ......


$uMe$h

***********************************************************

Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

My Memories...!!